नये-पुराने शहरों में!

हमने भी सोकर देखा है नये-पुराने शहरों में,
जैसा भी है अपने घर का बिस्तर अच्छा लगता है ।

निदा फ़ाज़ली

2 responses to “नये-पुराने शहरों में!”

  1. वाह वाह, बहुत सुन्दर |

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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