
कभी बादल, कभी कश्ती, कभी गर्दाब लगे,
वो बदन जब भी सजे कोई नया ख्वाब लगे|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

कभी बादल, कभी कश्ती, कभी गर्दाब लगे,
वो बदन जब भी सजे कोई नया ख्वाब लगे|
निदा फ़ाज़ली
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