
ढलता सूरज फैला जंगल रस्ता गुम,
हमसे पूछो कैसा आलम होता है|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

ढलता सूरज फैला जंगल रस्ता गुम,
हमसे पूछो कैसा आलम होता है|
जावेद अख़्तर
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