
दिलों की बात ओंठों तक न आए,
कसी यूँ गर्दनों पर टाइयां हैं|
सूर्यभानु गुप्त
A sky full of cotton beads like clouds

दिलों की बात ओंठों तक न आए,
कसी यूँ गर्दनों पर टाइयां हैं|
सूर्यभानु गुप्त
Leave a comment