
आजकल फिर दिल-ए-बर्बाद की बातें है वही,
हम तो समझे थे के कुछ अक्ल ठिकाने आई|
‘कैफ़’ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds

आजकल फिर दिल-ए-बर्बाद की बातें है वही,
हम तो समझे थे के कुछ अक्ल ठिकाने आई|
‘कैफ़’ भोपाली
Leave a comment