
साक़िया हम को मुरव्वत चाहिए,
शहर में हैं वरना मयखाने बहुत|
महेन्द्र सिंह बेदी ‘सहर’
A sky full of cotton beads like clouds

साक़िया हम को मुरव्वत चाहिए,
शहर में हैं वरना मयखाने बहुत|
महेन्द्र सिंह बेदी ‘सहर’
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