
बहुत बेबाक आंखों में तअ’ल्लुक़ टिक नहीं पाता,
मोहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है|
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds

बहुत बेबाक आंखों में तअ’ल्लुक़ टिक नहीं पाता,
मोहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है|
वसीम बरेलवी
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