
जुस्तजू ने किसी मंजिल पे ठहरने न दिया,
हम भटकते रहें आवारा ख्यालों की तरह|
जां निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

जुस्तजू ने किसी मंजिल पे ठहरने न दिया,
हम भटकते रहें आवारा ख्यालों की तरह|
जां निसार अख़्तर
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