
गिनतियों में ही गिने जाते हैं हर दौर में हम,
हर क़लमकार की बेनाम ख़बर के हम हैं |
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

गिनतियों में ही गिने जाते हैं हर दौर में हम,
हर क़लमकार की बेनाम ख़बर के हम हैं |
निदा फ़ाज़ली
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