
कभी ग़ुंचा कभी शोला कभी शबनम की तरह,
लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह|
राना सहरी
A sky full of cotton beads like clouds

कभी ग़ुंचा कभी शोला कभी शबनम की तरह,
लोग मिलते हैं बदलते हुए मौसम की तरह|
राना सहरी
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