हवा, ख़ुश्बू, ज़मीनो-आसमाँ!

सब उसी के हैं हवा, ख़ुश्बू, ज़मीनो-आसमाँ,
मैं जहाँ भी जाऊँगा, उसको पता हो जाएगा|

बशीर बद्र

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