
जड़ दो चांदी में चाहे सोने में,
आईना झूठ बोलता ही नहीं।
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
A sky full of cotton beads like clouds

जड़ दो चांदी में चाहे सोने में,
आईना झूठ बोलता ही नहीं।
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
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