
रात भर सोचता रहा तुझको,
ज़हन-ओ-दिल मेरे रात भर महके|
डॉ. नवाज़ देवबंदी
A sky full of cotton beads like clouds

रात भर सोचता रहा तुझको,
ज़हन-ओ-दिल मेरे रात भर महके|
डॉ. नवाज़ देवबंदी
Leave a comment