
ख़ुद से मिल जाते तो चाहत का भरम रह जाता,
क्या मिले आप जो लोगों के मिलाने से मिले|
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds

ख़ुद से मिल जाते तो चाहत का भरम रह जाता,
क्या मिले आप जो लोगों के मिलाने से मिले|
कैफ़ भोपाली
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