
एक हम ही नहीं फिरते हैं लिए किस्सा-ए-गम,
उन के खामोश लबों पर भी फसाने से मिले|
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds

एक हम ही नहीं फिरते हैं लिए किस्सा-ए-गम,
उन के खामोश लबों पर भी फसाने से मिले|
कैफ़ भोपाली
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