
जब हो सकी न बात तो हमने यही किया,
अपनी ग़ज़ल के शेर कहीं गुनगुना लिए|
कुंवर बेचैन
A sky full of cotton beads like clouds

जब हो सकी न बात तो हमने यही किया,
अपनी ग़ज़ल के शेर कहीं गुनगुना लिए|
कुंवर बेचैन
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