
पहाड़ों के क़दों की खाइयां हैं,
बुलंदी पर बहुत नीचाइयां हैं|
सूर्यभानु गुप्त
A sky full of cotton beads like clouds

पहाड़ों के क़दों की खाइयां हैं,
बुलंदी पर बहुत नीचाइयां हैं|
सूर्यभानु गुप्त
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