
चिराग़ जलते ही बीनाई बुझने लगती है,
खुद अपने घर में ही घर का निशां नहीं मिलता|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

चिराग़ जलते ही बीनाई बुझने लगती है,
खुद अपने घर में ही घर का निशां नहीं मिलता|
निदा फ़ाज़ली
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