
दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए,
वो तेरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है|
हसरत मोहानी
A sky full of cotton beads like clouds

दोपहर की धूप में मेरे बुलाने के लिए,
वो तेरा कोठे पे नंगे पाँव आना याद है|
हसरत मोहानी
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