
कल के औ आज के, मुझ में यह फ़र्क है,
जो नदी थी कभी वो लहर हो गई|
रामावतार त्यागी
A sky full of cotton beads like clouds

कल के औ आज के, मुझ में यह फ़र्क है,
जो नदी थी कभी वो लहर हो गई|
रामावतार त्यागी
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