
कोई खुद्दार दीपक जले किसलिए,
जब सियासत अंधेरों का घर हो गई|
रामावतार त्यागी
A sky full of cotton beads like clouds

कोई खुद्दार दीपक जले किसलिए,
जब सियासत अंधेरों का घर हो गई|
रामावतार त्यागी
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