
देखिए तो वही बहकी हुई हवाएँ हैं,
फिर वही रात है, फिर-फिर वही सन्नाटा है|
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
A sky full of cotton beads like clouds

देखिए तो वही बहकी हुई हवाएँ हैं,
फिर वही रात है, फिर-फिर वही सन्नाटा है|
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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