
जागिए तो यहाँ मिलती नहीं आहट कोई,
नींद में जैसे कोई लौट-लौट जाता है|
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
A sky full of cotton beads like clouds

जागिए तो यहाँ मिलती नहीं आहट कोई,
नींद में जैसे कोई लौट-लौट जाता है|
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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