
यारो घिर आई शाम, चलो मयकदे चलें,
याद आ रहे हैं जाम, चलो मयकदे चलें|
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
A sky full of cotton beads like clouds

यारो घिर आई शाम, चलो मयकदे चलें,
याद आ रहे हैं जाम, चलो मयकदे चलें|
कृष्ण बिहारी ‘नूर’
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