पेड़ पे बैठी इक चिड़िया ने—

कैसा प्यारा मंज़र था जब देख के अपने साथी को,
पेड़ पे बैठी इक चिड़िया ने अपने पर फैलाये थे|

क़तील शिफ़ाई

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