
कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को,
फिर ज़ख़्म अगर महकाओ तो क्या|
ओबेदुल्लाह अलीम
A sky full of cotton beads like clouds

कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को,
फिर ज़ख़्म अगर महकाओ तो क्या|
ओबेदुल्लाह अलीम
Leave a comment