
जो उलझी थी कभी आदम के हाथों,
वो गुत्थी आज तक सुलझा रहा हूँ|
फ़िराक़ गोरखपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

जो उलझी थी कभी आदम के हाथों,
वो गुत्थी आज तक सुलझा रहा हूँ|
फ़िराक़ गोरखपुरी
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