
फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा भी न था,
सामने बैठा था मेरे, और वो मेरा न था|
अदीम हाशमी
A sky full of cotton beads like clouds

फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा भी न था,
सामने बैठा था मेरे, और वो मेरा न था|
अदीम हाशमी
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