
वो के ख़ुशबू की तरह फैला था मेरे चार सू,
मैं उसे महसूस कर सकता था छू सकता न था|
अदीम हाशमी
A sky full of cotton beads like clouds

वो के ख़ुशबू की तरह फैला था मेरे चार सू,
मैं उसे महसूस कर सकता था छू सकता न था|
अदीम हाशमी
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