
हम बड़े नाज़ से आये थे तेरी महफ़िल में,
क्या ख़बर थी लब-ए-इज़हार पे ताले होंगे|
परवेज़ जालंधरी
A sky full of cotton beads like clouds

हम बड़े नाज़ से आये थे तेरी महफ़िल में,
क्या ख़बर थी लब-ए-इज़हार पे ताले होंगे|
परवेज़ जालंधरी
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