गीत अंश

जंगल जंगल भटकेगा ही
जिस मृग पर कस्तूरी है।
उतने ही हम पास रहेंगे,
जितनी हममें दूरी है।
डॉ. कुंवर बेचैन
A sky full of cotton beads like clouds
गीत अंश

जंगल जंगल भटकेगा ही
जिस मृग पर कस्तूरी है।
उतने ही हम पास रहेंगे,
जितनी हममें दूरी है।
डॉ. कुंवर बेचैन
Leave a comment