
धर गए मेहंदी रचे, दो हाथ जल में दीप
जन्म-जन्मों ताल सा हिलता रहा मन।
किशन सरोज
A sky full of cotton beads like clouds

धर गए मेहंदी रचे, दो हाथ जल में दीप
जन्म-जन्मों ताल सा हिलता रहा मन।
किशन सरोज
Leave a comment