
तुम नहीं आए अभी, फिर भी तो तुम आए हो
रात के सीने में महताब के खंज़र की तरह
सुब्हो के हाथ में ख़ुर्शीद के सागर की तरह|
अली सरदार जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds

तुम नहीं आए अभी, फिर भी तो तुम आए हो
रात के सीने में महताब के खंज़र की तरह
सुब्हो के हाथ में ख़ुर्शीद के सागर की तरह|
अली सरदार जाफ़री
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