
तुम नहीं आओगे जब, फिर भी तो तुम आओगे,
ज़ुल्फ़ दर ज़ुल्फ़ बिखर जाएगा, फिर रात का रंग,
शब–ए–तन्हाई में भी लुत्फ़–ए–मुलाक़ात का रंग|
अली सरदार जाफरी
A sky full of cotton beads like clouds

तुम नहीं आओगे जब, फिर भी तो तुम आओगे,
ज़ुल्फ़ दर ज़ुल्फ़ बिखर जाएगा, फिर रात का रंग,
शब–ए–तन्हाई में भी लुत्फ़–ए–मुलाक़ात का रंग|
अली सरदार जाफरी
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