
कभी ग़म की आँधी, जिन्हें छू न पाए,
वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें|
सुदर्शन फ़ाकिर
A sky full of cotton beads like clouds

कभी ग़म की आँधी, जिन्हें छू न पाए,
वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें|
सुदर्शन फ़ाकिर
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