
दुनिया भर की यादें हम से मिलने आती हैं,
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है|
क़ैसर उल जाफ़री
A sky full of cotton beads like clouds

दुनिया भर की यादें हम से मिलने आती हैं,
शाम ढले इस सूने घर में मेला लगता है|
क़ैसर उल जाफ़री
umda !
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