
साँस की तो बहुत तेज़ रफ़्तार है
और छोटी बहुत है मिलन की घडी
गूंथते गूंथते ये घटा साँवरी
बुझ न जाए कही रूप की फुलझड़ी
चूड़ियाँ ही न तुम
चूड़ियाँ ही न तुम खनखनाती रहो
ये शरमसार मौसम बदल जाएगा|
नई उमर की नई फसल
A sky full of cotton beads like clouds

साँस की तो बहुत तेज़ रफ़्तार है
और छोटी बहुत है मिलन की घडी
गूंथते गूंथते ये घटा साँवरी
बुझ न जाए कही रूप की फुलझड़ी
चूड़ियाँ ही न तुम
चूड़ियाँ ही न तुम खनखनाती रहो
ये शरमसार मौसम बदल जाएगा|
नई उमर की नई फसल
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