
देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम
प्यार का ये महूरत निकल जाएगा
देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम
प्यार का ये महूरत निकल जाएगा|
नई उम्र की नई फसल
A sky full of cotton beads like clouds

देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम
प्यार का ये महूरत निकल जाएगा
देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम
प्यार का ये महूरत निकल जाएगा|
नई उम्र की नई फसल
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