
चले हवा तो किवाड़ों को बंद कर लेना
ये गर्म राख़ शरारों में ढल न जाए कहीं|
दुष्यंत कुमार
A sky full of cotton beads like clouds

चले हवा तो किवाड़ों को बंद कर लेना
ये गर्म राख़ शरारों में ढल न जाए कहीं|
दुष्यंत कुमार
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