
किसे खबर थी बढ़ेगी कुछ और तारीक़ी,
छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह।
क़तील शिफाई
A sky full of cotton beads like clouds

किसे खबर थी बढ़ेगी कुछ और तारीक़ी,
छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह।
क़तील शिफाई
Leave a comment