माँ का प्यार !

मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार,
दुख ने दुख से बात की बिन चिट्ठी बिन तार|

निदा फाज़ली

2 responses to “माँ का प्यार !”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji.

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