
कच्ची दीवार हूँ ठोकर न लगाना मुझको,
अपनी नज़रों में बसाकर न गिराना मुझको।
असरार अंसारी
A sky full of cotton beads like clouds

कच्ची दीवार हूँ ठोकर न लगाना मुझको,
अपनी नज़रों में बसाकर न गिराना मुझको।
असरार अंसारी
Leave a comment