
फ़स्ल-ए-गुल आई फ़िर एक बार असीनाने-वफ़ा,
अपने ही खून के दरिया में नहाने निकले|
अमजद इस्लाम अमजद
A sky full of cotton beads like clouds

फ़स्ल-ए-गुल आई फ़िर एक बार असीनाने-वफ़ा,
अपने ही खून के दरिया में नहाने निकले|
अमजद इस्लाम अमजद
Leave a comment